माँ बगलामुखी सिद्ध पीठ - काँगड़ा। 

माँ बगलामुखी, हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में स्तिथ एक सिद्ध पीठ है। माँ बगलामुखी दस में से एक महाविध्या है। माता को पीला रंग बेहद पसंद है इसी लिए मंदिर की सभी दीवारे पीले रंग की है और माँ का प्रसाद भी पीला होता है (पीले लड्डू) इसी लिए माँ का दूसरा नाम पीताम्बरा भी है।  माता का यह मंदिर माँ ज्वाला और माँ चिंतपूर्णी के निकटतम है और यहाँ साल भर लोगो का ताँता लगा रहता है। 

माँ बगलामुखी को नौ देवियो में से आठवीं देवी का रूप माना गया है। माँ का यह मंदिर अपने गुप्त तांत्रिक हवन व दुश्मनो पर विजय प्राप्ति के लिए बेहद मशहूर है। 

इस मंदिर में अनेक हवन कुंड बनाये गए है जहाँ जाके कोई भी व्यक्ति अपनी कामना अनुसार हवन करा सकता है। 

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नेताओ और अभिनेताओं के बीच प्रसिद्द है यह माँ बगलामुखी का मंदिर। 
माँ बगलामुखी के इस मंदिर में देश के बड़े बड़े नेता, यहाँ तक की भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी भी अपना शीश झुका चुके है। इस मंदिर में साल भर  भारी मात्रा में नेता व अभिनेता अपने दुश्मनो पर विजय प्राप्ति के लिए पूजन कराने आते है। 

कोनसे कष्ट हरती है माँ बगलामुखी?

  • दुश्मनो पर विजय। 

जो लोग दुश्मनो से घिरे रहते है और कोई न कोई तकलीफ उन्हें सताती रहती है। 

  •  कोर्ट केस। 

जिन लोगो का कोर्ट केस काफी लम्बे समय से चल रहा हो उसका निपटारा जल्दी हो जाता है या बड़ी सज़ा कम से कम में निपट जाती है। 

  • समृद्धि व व्यापार। 

जिन लोगो को अपने व्यापार में कोई ना कोई दिक्कत परेशानी आती है और काम काज सही नहीं चलता उन्हें माँ बगलामुखी का आशीर्वाद प्राप्त करने से बेहद अच्छे फल मिलते है। 

  • ऊपरी किया कराया। 

यदि इंसान को लगता है वह किसी बंधन में बंधा है और कोई ऊपरी साया सता रहा है और भय की स्तिथि बनी रहती है तो माँ बगलामुखी का आश्रीवाद बेहद उपयोगी माना गया है। 

 

कैसे होती है माँ बगलामुखी हवन की बुकिंग?


जो कोई व्यक्ति माँ बगलामुखी के इस मंदिर में अपना शीश झुका कर माँ की आराधना करना चाहता हो वह व्यक्ति मंदिर से ही एक तय राशि (पूजा अनुसार) देकर हवन करा सकता है। प्रसाद व हवन सामग्री आपको मंदिर द्वारा ही उपलब्ध कराई जाती है। 

कैसे पहुंचे माँ बगलामुखी के द्वार?


दिल्ली से आप कश्मीरी गेट से हिमाचल प्रदेश ट्रांसपोर्ट कॉर्प की बस से या वोलवो के माध्यम से 9 घंटे में मंदिर तक पहुँच सकते है। यदि आप किसी और राज्य से आ रहे है तो हवाई यात्रा का भी विकल्प चुन सकते है और धर्मशाला तक हवाई यात्रा कर आगे के लिए टैक्सी ले सकते है। 

माँ बगलामुखी मंदिर का समय।

 माँ बगलामुखी के मंदिर के कपाट रोज़ाना सुबह 5 बजे से शाम 8 बजे तक खुले रहते है और वीरवार को मंदिर पूरी रात खुला रहता है और विभिन्न प्रकार की पूजा और हवन किए जाते है। 

यदि इंसान को अपने जीवन में मान प्रतिष्ठा, व्यापार, कोर्ट कचहरी से छुटकारा , ऊपरी बंधन से मुक्ति  व दुश्मनो पर विजय प्राप्त करनी है तो व्यक्ति को एक बार माँ के द्वार, कांगड़ा में स्तिथ शक्ति पीठ पर अपना शीश झुकना चाहिए और सम्बंधित हवन कराना चाहिए माँ निश्चित रूप से आपके बिगड़े काम भी बना देंगी।

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